शब्द विचार: विकारी और अविकारी शब्द
प्रस्तावना (Introduction)
ଏହି ଅଧ୍ୟାୟରେ ଆମେ ଶବ୍ଦର ଦୁଇଟି ମୁଖ୍ୟ ରୂପ, ବିକାରୀ ଏବଂ ଅବିକାରୀ ଶବ୍ଦ ବିଷୟରେ ଜାଣିବା। ଏହା ଆମକୁ ବାକ୍ୟରେ ଶବ୍ଦର ପରିବର୍ତ୍ତନକୁ ବୁଝିବାରେ ସାହାଯ୍ୟ କରିବ।
वाक्य में आने पर शब्दों के रूप बदलते जाते हैं। अतः शब्द के दो रूप हैं — मूल रूप या अविकारी (ଅବିକାରୀ) और विकारी रूप या परिवर्तित रूप (ବିକାରୀ)।
विकारी शब्द (Declension Words)
ବିକାରୀ ଶବ୍ଦ ସେହି ଶବ୍ଦ ଅଟନ୍ତି ଯେଉଁମାନଙ୍କର ରୂପ ଲିଙ୍ଗ, ବଚନ, କାରକ, କାଳ ଇତ୍ୟାଦି କାରଣରୁ ପରିବର୍ତ୍ତିତ ହୁଏ। ଏହି ପରିବର୍ତ୍ତନକୁ 'ବିକାର' କୁହାଯାଏ।
विकारी शब्द वे होते हैं जिनके रूप लिंग (ଲିଙ୍ଗ), वचन (ବଚନ), पुरुष (ପୁରୁଷ), कारक (କାରକ), और काल (କାଳ) के कारण परिवर्तित होते हैं। इस परिवर्तन को 'विकार' कहते हैं।
विकार के कारण (Reasons for Declension):
- लिंग के कारण:
- लड़का - लड़की
- अच्छा - अच्छी
- मेरा - मेरी
- पढ़ता - पढ़ती
- वचन के कारण:
- लड़का - लड़के
- अच्छा - अच्छे
- मेरा - मेरे
- पढ़ता - पढ़ते
- पुरुष के कारण:
- मैं - हम
- तू - तुम / आप
- वह - वे
- यह - ये
- कारक के कारण:
- कमरा - कमरे में
- छोटा लड़का - छोटे लड़के को
- वह - उसने, उसे
- वे - उन्होंने, उन्हें
- काल के कारण:
- है - गया - जाएगा
- पढ़ता हूँ - पढ़ा - पढूँगा
विकारी शब्दों के प्रकार (Types of Declension Words): परिवर्त्तन या विकार चार प्रकार के शब्दों में होता है। इसलिए विकारी शब्द चार प्रकार के होते हैं:
- संज्ञा (Noun): जैसे
हाथी - सर्वनाम (Pronoun): जैसे
आप - विशेषण (Adjective): जैसे
बूढ़ा - क्रिया (Verb): जैसे
जा रहा था
संज्ञाओं की रूपावली (Declension of Nouns)
ସଂଜ୍ଞା ଶବ୍ଦଗୁଡ଼ିକ ଲିଙ୍ଗ, ବଚନ ଏବଂ କାରକ ଆଧାରରେ କିପରି ପରିବର୍ତ୍ତିତ ହୁଅନ୍ତି, ତାହା ଏହି ବିଭାଗରେ ଦର୍ଶାଯାଇଛି। ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରକାରର ସଂଜ୍ଞା ଶବ୍ଦ ପାଇଁ ପରିବର୍ତ୍ତନର ନିୟମ ଭିନ୍ନ ହୋଇଥାଏ।
लिंग, वचन, कारक के आधार पर संज्ञा शब्दों के चार वर्ग बनते हैं — अकारांत पुंलिंग, आकारांत पुंलिग, अकारांत स्त्रीलिंग, इकारांत स्त्रीलिंग।
उदाहरण: अकारांत पुंलिंग 'बालक' (Example: Masculine Noun 'Balak' ending in 'a') | कारक (Case) | एकवचन (Singular) | बहुवचन (Plural) | | :---------- | :---------------- | :--------------- | | कर्ता | बालक / बालक ने | बालक / बालकों ने | | कर्म | बालक को | बालकों को | | करण | बालक से/के द्वारा | बालकों से/के द्वारा | | संप्रदान | बालक को/के लिए | बालकों को/के लिए | | अपादान | बालक से | बालकों से | | सम्बन्ध | बालक का/के/की | बालकों का/के/की | | अधिकरण | बालक में/पर | बालकों में/पर | | सम्बोधन | हे बालक ! | हे बालकों ! |
उदाहरण: इकारांत स्त्रीलिंग 'लड़की' (Example: Feminine Noun 'Ladki' ending in 'i') | कारक (Case) | एकवचन (Singular) | बहुवचन (Plural) | | :---------- | :---------------- | :--------------- | | कर्ता | लड़की / लड़की ने | लड़कियाँ / लड़कियों ने | | कर्म | लड़की को | लड़कियों को | | करण | लड़की से | लड़कियों से | | सम्बोधन | हे लड़की ! | हे लड़कियों ! |
ध्यान दें: बहुवचन में इ/ई/या का 'यों' हो जाता है और शब्दांत दीर्घ मात्रा हस्व मात्रा हो जाती है (जैसे: नदी -> नदियाँ, स्त्री -> स्त्रियाँ)।
अविकारी शब्द (Indeclinable Words / Avyay)
ଅବିକାରୀ ଶବ୍ଦ ସେହି ଶବ୍ଦ ଅଟନ୍ତି ଯେଉଁମାନଙ୍କର ରୂପ କୌଣସି ପରିସ୍ଥିତିରେ ପରିବର୍ତ୍ତିତ ହୁଏ ନାହିଁ। ସେମାନେ ସବୁବେଳେ ନିଜର ମୂଳ ରୂପରେ ରୁହନ୍ତି।
अविकारी शब्दों में कोई विकार या परिवर्त्तन नहीं होता। ये शब्द अपने मूल रूप में ही वाक्य में प्रयुक्त होते हैं। इन्हें 'अव्यय' (ଅବ୍ୟୟ) कहते हैं। ये भी चार प्रकार के होते हैं:
- क्रियाविशेषण (Adverb): जो क्रिया की विशेषता बताते हैं। जैसे
धीरे-धीरे - सम्बन्धबोधक (Postposition): जो संज्ञा या सर्वनाम का सम्बन्ध वाक्य के अन्य शब्दों से बताते हैं। जैसे
के द्वारा - समुच्चयबोधक (Conjunction): जो दो शब्दों या वाक्यों को जोड़ते हैं। जैसे
और - विस्मयादिबोधक (Interjection): जो हर्ष, शोक, घृणा आदि भावों को व्यक्त करते हैं। जैसे
अरे!
उदाहरण वाक्य में अविकारी शब्द (Indeclinable Words in an Example Sentence):
बूढ़ा हाथी आप ही धीरे-धीरे जा रहा था।
- अविकारी शब्द:
धीरे-धीरे(क्रियाविशेषण),ही(निपात, अव्यय का एक प्रकार)