कर्ता कारक (Nominative Case)
ଓଡ଼ିଆ: ଏହି ବିଭାଗରେ ଆମେ କର୍ତ୍ତା କାରକ ବିଷୟରେ ଜାଣିବା । କର୍ତ୍ତା କାରକ ହେଉଛି କ୍ରିୟା କରୁଥିବା ବ୍ୟକ୍ତି ବା ବସ୍ତୁ ।
संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से क्रिया के अन्य शब्दों के साथ उसका सम्बन्ध निश्चित होता है, उसे कारक कहते हैं। हिन्दी में आठ कारक माने जाते हैं, जिनमें से पहला कर्ता कारक है।
कर्ता कारक की परिभाषा (Definition of Nominative Case)
ଓଡ଼ିଆ: କର୍ତ୍ତା କାରକର ପରିଭାଷା ଏଠାରେ ଦିଆଯାଇଛି । ଏହା କ୍ରିୟାକୁ ସମ୍ପାଦନ କରୁଥିବା ପଦକୁ ବୁଝାଏ ।
वाक्य में जिस पद के द्वारा क्रिया का सम्पादन होता है, उसे कर्ता (କର୍ତ୍ତା) कहते हैं। दूसरे शब्दों में, क्रिया के करनेवाले को कर्ता कारक कहते हैं। उदाहरण:
- लीला पढ़ती है। (ଲୀଳା ପଢ଼ୁଛି।)
- राम ने खाया। (ରାମ ଖାଇଲା।)
इन वाक्यों में 'लीला' और 'राम' क्रिया के करनेवाले हैं, इसलिए ये कर्ता कारक में हैं।
कर्ता कारक के विभक्ति-चिह्न (Case Markers of Nominative Case)
ଓଡ଼ିଆ: କର୍ତ୍ତା କାରକର ଚିହ୍ନଗୁଡ଼ିକ ଏଠାରେ ଉଲ୍ଲେଖ କରାଯାଇଛି । ମୁଖ୍ୟତଃ 'ନେ' ଏହାର ଚିହ୍ନ ।
कर्ता कारक का मुख्य विभक्ति-चिह्न (ପରସର୍ଗ) 'ने' है। हालाँकि, कुछ स्थितियों में 'से', 'को', 'के' जैसे परसर्ग भी कर्ता कारक के साथ प्रयुक्त होते हैं, या कभी-कभी कोई परसर्ग नहीं भी होता है। उदाहरण:
- गोपाल ने कॉपी खरीदी। ('ने' परसर्ग सहित)
- मुझसे चला नहीं जाता। ('से' परसर्ग सहित)
- आपको जाना पड़ेगा। ('को' परसर्ग सहित)
- सुधा के एक बेटा है। ('के' परसर्ग सहित)
- मोहन पढ़ता है। (परसर्ग रहित)
'ने' परसर्ग के प्रयोग के नियम (Rules for using 'ने' Case Marker)
ଓଡ଼ିଆ: 'ନେ' ବିଭକ୍ତି ଚିହ୍ନର ବ୍ୟବହାର ପାଇଁ କିଛି ନିୟମ ଅଛି । ଏହା ସବୁବେଳେ ବ୍ୟବହୃତ ହୁଏ ନାହିଁ ।
'ने' परसर्ग कर्तृकारक का चिह्न है, परन्तु इसका प्रयोग कर्तृकारक में सर्वत्र नहीं होता। इसके प्रयोग के कुछ विशेष नियम हैं:
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'ने' का प्रयोग कब नहीं होता:
- अकर्मक क्रियाओं (Intransitive Verbs) के कर्ता के साथ: अकर्मक क्रियाएँ वे होती हैं जिन्हें कर्म की आवश्यकता नहीं होती।
- उदाहरण: मोहन कटक गया। (ମୋହନ କଟକ ଗଲା।)
- सकर्मक क्रियाओं (Transitive Verbs) के कर्ता के साथ वर्तमान और भविष्यत् काल में: सकर्मक क्रियाएँ वे होती हैं जिन्हें कर्म की आवश्यकता होती है।
- उदाहरण: मैं पानी पीता हूँ। (ମୁଁ ପାଣି ପିଏ।)
- कृष्ण रोटी खायेगा। (କୃଷ୍ଣ ରୁଟି ଖାଇବ।)
- अपूर्णभूत (Imperfect Past) तथा हेतुहेतुमद्भूत (Conditional Past) के प्रथमरूप के कर्ता के साथ:
- उदाहरण: वह पढ़ता था। (ସେ ପଢୁଥିଲା।)
- वह पढ़ता तो... (ସେ ପଢ଼ିଥାନ୍ତା ତ...)
- अकर्मक क्रियाओं (Intransitive Verbs) के कर्ता के साथ: अकर्मक क्रियाएँ वे होती हैं जिन्हें कर्म की आवश्यकता नहीं होती।
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'ने' का प्रयोग कब होता है:
- सकर्मक क्रियाओं के साथ भूतकाल (Past Tense) में: 'ने' का प्रयोग सामान्यभूत, आसन्नभूत, पूर्णभूत, संदिग्धभूत या हेतुहेतुमद्भूत के द्वितीय रूप में होता है।
- सामान्यभूत: मोहन ने राम को मारा। (ମୋହନ ରାମକୁ ମାରିଲା।)
- आसन्नभूत: मोहन ने राम को मारा है। (ମୋହନ ରାମକୁ ମାରିଛି।)
- पूर्णभूत: मोहन ने राम को मारा था। (ମୋହନ ରାମକୁ ମାରିଥିଲା।)
- संदिग्धभूत: मोहन ने राम को मारा होगा। (ମୋହନ ରାମକୁ ମାରିଥିବ।)
- हेतुहेतुमद्भूत द्वितीय रूप: मोहन ने राम को मारा होता तो वह सुधर गया होता। (ମୋହନ ରାମକୁ ମାରିଥାନ୍ତା ତ ସେ ସୁଧୁରି ଯାଇଥାନ୍ତା।)
- सकर्मक क्रियाओं के साथ भूतकाल (Past Tense) में: 'ने' का प्रयोग सामान्यभूत, आसन्नभूत, पूर्णभूत, संदिग्धभूत या हेतुहेतुमद्भूत के द्वितीय रूप में होता है।
सारांश (Summary)
ଓଡ଼ିଆ: ଏଠାରେ କର୍ତ୍ତା କାରକର ମୁଖ୍ୟ ବିନ୍ଦୁଗୁଡ଼ିକର ସାରାଂଶ ଦିଆଯାଇଛି ।
कर्ता कारक क्रिया का करनेवाला होता है। इसका मुख्य चिह्न 'ने' है, जिसका प्रयोग सकर्मक क्रियाओं के भूतकाल में होता है। अकर्मक क्रियाओं और सकर्मक क्रियाओं के वर्तमान/भविष्यत् काल में 'ने' का प्रयोग नहीं होता।