सम्प्रदान कारक (Dative Case)
ଏହି ବିଭାଗରେ, ଆମେ ସମ୍ପ୍ରଦାନ କାରକ ବିଷୟରେ ଜାଣିବା, ଯାହାକି ହିନ୍ଦୀ ବ୍ୟାକରଣର ଏକ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଅଂଶ।
१. परिभाषा (Definition)
जिस संज्ञा (ବିଶେଷ୍ୟ) या सर्वनाम (ସର୍ବନାମ) पद से यह बोध होता है कि क्रिया (କ୍ରିୟା) किसके लिए की जा रही है या किसे कुछ दिया जा रहा है, उसे सम्प्रदान कारक (ସମ୍ପ୍ରଦାନ କାରକ) कहते हैं। ଯେଉଁ ବିଶେଷ୍ୟ ବା ସର୍ବନାମ ପଦରୁ ଜଣାପଡ଼େ ଯେ କ୍ରିୟା କାହା ପାଇଁ କରାଯାଉଛି କିମ୍ବା କାହାକୁ କିଛି ଦିଆଯାଉଛି, ତାହାକୁ ସମ୍ପ୍ରଦାନ କାରକ କୁହାଯାଏ।
२. कारक चिह्न / परसर्ग (Case Markers / Postpositions)
सम्प्रदान कारक के मुख्य कारक चिह्न (କାରକ ଚିହ୍ନ) या परसर्ग (ପରସର୍ଗ) हैं:
- को
- के लिए (ପାଇଁ)
- के निमित्त (ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟରେ) ଏହି କାରକର ମୁଖ୍ୟ ଚିହ୍ନଗୁଡ଼ିକ ହେଉଛି 'କୋ', 'କେ ଲିଏ' ଏବଂ 'କେ ନିମିତ୍ତ'।
३. उदाहरण (Examples)
निम्नलिखित वाक्यों में सम्प्रदान कारक के प्रयोग को समझिए: ନିମ୍ନଲିଖିତ ବାକ୍ୟଗୁଡ଼ିକରେ ସମ୍ପ୍ରଦାନ କାରକର ବ୍ୟବହାରକୁ ବୁଝନ୍ତୁ:
- भिखारी को भीख दो। (ଭିକାରୀକୁ ଭିକ ଦିଅ।)
- यहाँ 'भिखारी को' सम्प्रदान कारक है क्योंकि भीख भिखारी को दी जा रही है।
- पिताजी बेटी के लिए कलम लाये। (ବାପା ଝିଅ ପାଇଁ କଲମ ଆଣିଲେ।)
- यहाँ 'बेटी के लिए' सम्प्रदान कारक है क्योंकि कलम बेटी के लिए लाई गई है।
- राजू रोशन को दो रुपये देता है। (ରାଜୁ ରୋଶନକୁ ଦୁଇ ଟଙ୍କା ଦିଏ।)
- यहाँ 'रोशन को' सम्प्रदान कारक है क्योंकि रुपये रोशन को दिए जा रहे हैं।
- लोग सुख शान्ति के निमित्त काम करते हैं। (ଲୋକେ ସୁଖ ଶାନ୍ତି ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟରେ କାମ କରନ୍ତି।)
- यहाँ 'सुख शान्ति के निमित्त' सम्प्रदान कारक है।
४. कर्म कारक और सम्प्रदान कारक में 'को' का अंतर (Difference between 'को' in Accusative and Dative Case)
'को' परसर्ग (ପରସର୍ଗ) का प्रयोग कर्म कारक (କର୍ମ କାରକ) और सम्प्रदान कारक दोनों में होता है, लेकिन इनके अर्थ में अंतर होता है। 'କୋ' ପରସର୍ଗର ବ୍ୟବହାର କର୍ମ କାରକ ଏବଂ ସମ୍ପ୍ରଦାନ କାରକ ଉଭୟରେ ହୁଏ, କିନ୍ତୁ ସେମାନଙ୍କ ଅର୍ଥରେ ପାର୍ଥକ୍ୟ ଥାଏ।
- कर्म कारक में 'को': क्रिया के व्यापार का फल जिस पर पड़ता है, वह कर्म कारक होता है। यहाँ 'को' का अर्थ किसी को प्रभावित करना या उस पर क्रिया का सीधा प्रभाव पड़ना होता है।
- उदाहरण: माँ बेटे को बुलाती है। (ମା' ପୁଅକୁ ଡାକେ।) - यहाँ 'बेटा' बुलाने की क्रिया का सीधा कर्म है।
- सम्प्रदान कारक में 'को': जब 'को' का अर्थ 'के लिए' (ପାଇଁ) होता है, यानी किसी को कुछ दिया जाए या किसी के लिए कुछ किया जाए, तब वह सम्प्रदान कारक होता है।
- उदाहरण: भिखारी को भीख दो। (ଭିକାରୀକୁ ଭିକ ଦିଅ।) - यहाँ 'भिखारी को' का अर्थ है 'भिखारी के लिए'।
कार्य उदाहरण (Worked Example): निम्नलिखित वाक्यों में 'को' के प्रयोग को पहचानें: ନିମ୍ନଲିଖିତ ବାକ୍ୟଗୁଡ଼ିକରେ 'କୋ' ର ବ୍ୟବହାରକୁ ଚିହ୍ନନ୍ତୁ:
- शिक्षक छात्र को पढ़ाते हैं। (ଶିକ୍ଷକ ଛାତ୍ରକୁ ପଢ଼ାନ୍ତି।)
- उत्तर: यहाँ 'छात्र को' कर्म कारक है, क्योंकि पढ़ाने की क्रिया का सीधा प्रभाव छात्र पर पड़ रहा है।
- मैंने माँ को उपहार दिया। (ମୁଁ ମା'କୁ ଉପହାର ଦେଲି।)
- उत्तर: यहाँ 'माँ को' सम्प्रदान कारक है, क्योंकि उपहार माँ के लिए दिया गया है।
५. सर्वनामों के साथ प्रयोग (Usage with Pronouns)
सम्प्रदान कारक का प्रयोग सर्वनामों (ସର୍ବନାମ) के साथ भी होता है, जहाँ 'को' और 'के लिए' के साथ सर्वनामों के रूप बदल जाते हैं। ସମ୍ପ୍ରଦାନ କାରକର ବ୍ୟବହାର ସର୍ବନାମ ସହିତ ମଧ୍ୟ ହୁଏ, ଯେଉଁଠାରେ 'କୋ' ଏବଂ 'କେ ଲିଏ' ସହିତ ସର୍ବନାମର ରୂପ ବଦଳିଯାଏ।
- मुझे / मुझको / मेरे लिए (ମୋତେ / ମୋ ପାଇଁ)
- उसे / उसको / उसके लिए (ତାକୁ / ତା' ପାଇଁ)
- किसे / किसको / किसके लिए (କାହାକୁ / କାହା ପାଇଁ)
- इन्हें / इनको / इनके लिए (ଏମାନଙ୍କୁ / ଏମାନଙ୍କ ପାଇଁ)
उदाहरण:
- मैंने उसे किताब दी। (ମୁଁ ତାକୁ ବହି ଦେଲି।)
- यह खिलौना मेरे लिए है। (ଏହି ଖେଳଣା ମୋ ପାଇଁ ଅଛି।)