अधिकरण कारक (Locative Case)
अधिकरण कारक क्या है?
ଓଡ଼ିଆ: ଏହି ବିଭାଗରେ ଆମେ ଅଧିକରଣ କାରକର ସଂଜ୍ଞା ଏବଂ ଏହା କ'ଣ ବୁଝାଏ, ତାହା ଶିଖିବା। ଏହା କ୍ରିୟା କେଉଁଠି ବା କେବେ ଘଟୁଛି ତାହା ଦର୍ଶାଏ। संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से क्रिया-व्यापार के आधार (स्थान या समय) का बोध होता है, उसे अधिकरण कारक कहते हैं। यह हमें बताता है कि कोई क्रिया कहाँ या कब संपन्न हो रही है।
उदाहरण के लिए:
- मेज पर कलम है। (कलम कहाँ है? मेज पर)
- कलम में स्याही है। (स्याही कहाँ है? कलम में)
इन वाक्यों में 'मेज पर' और 'कलम में' क्रिया-व्यापारों के आधार को दर्शाते हैं, इसलिए ये अधिकरण कारक में हैं। [[1]]
विभक्ति-चिह्न (परसर्ग)
ଓଡ଼ିଆ: ଅଧିକରଣ କାରକର ମୁଖ୍ୟ ଚିହ୍ନଗୁଡ଼ିକ ହେଉଛି 'ମେଁ' (ଭିତରେ) ଏବଂ 'ପର' (ଉପରେ)। ଏହି ଚିହ୍ନଗୁଡ଼ିକ ଶବ୍ଦ ପରେ ଲାଗିଥାଏ। अधिकरण कारक के मुख्य विभक्ति-चिह्न (परसर्ग) 'में' और 'पर' हैं। ये चिह्न संज्ञा या सर्वनाम शब्दों के बाद आते हैं। [[2]], [[4]]
- 'में': इसका प्रयोग किसी वस्तु के भीतर या अंदर होने का बोध कराने के लिए किया जाता है।
- 'पर': इसका प्रयोग किसी वस्तु के ऊपर या सतह पर होने का बोध कराने के लिए किया जाता है।
उदाहरण
ଓଡ଼ିଆ: ଏହି ବିଭାଗରେ ଆମେ 'ମେଁ' ଏବଂ 'ପର' ର ବ୍ୟବହାର ସହିତ ଅଧିକରଣ କାରକର କିଛି ଅଧିକ ଉଦାହରଣ ଦେଖିବା। यहाँ अधिकरण कारक के कुछ और उदाहरण दिए गए हैं:
- बच्चे कमरे में खेल रहे हैं। (खेलने का आधार: कमरा)
- चिड़िया पेड़ पर बैठी है। (बैठने का आधार: पेड़)
- पानी में मछली तैर रही है। (तैरने का आधार: पानी)
- पुस्तक में ज्ञान है। (ज्ञान का आधार: पुस्तक)
- पिताजी घर पर ही पढ़ाते थे। (पढ़ाने का आधार: घर) [[1]]
क्रिया-व्यापार के आधार का प्रवाह
अभ्यास प्रश्न (Worked Examples)
ଓଡ଼ିଆ: ଏହି ଅଂଶରେ ଆମେ କିଛି ପ୍ରଶ୍ନର ସମାଧାନ କରିବା, ଯାହା ଆପଣଙ୍କୁ ଅଧିକରଣ କାରକକୁ ଭଲ ଭାବରେ ବୁଝିବାରେ ସାହାଯ୍ୟ କରିବ।
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प्रश्न: निम्नलिखित वाक्य में अधिकरण कारक को पहचानिए और रेखांकित कीजिए: "पिताजी घर पर ही पढ़ाते थे।" उत्तर: इस वाक्य में 'घर पर' शब्द क्रिया-व्यापार (पढ़ाने) के आधार को दर्शाता है। अतः 'घर पर' अधिकरण कारक है। [[1]]
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प्रश्न: उपयुक्त विभक्ति चिह्न ('में' या 'पर') से खाली स्थान भरिए: "मेज _____ पुस्तक है।" उत्तर: "मेज पर पुस्तक है।" (पुस्तक मेज की सतह पर है) [[1]]
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प्रश्न: "कमरे _____ बच्चे हैं।" खाली स्थान भरिए। उत्तर: "कमरे में बच्चे हैं।" (बच्चे कमरे के भीतर हैं)