प्रेरणार्थक क्रियाएँ (Causative Verbs)
ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ କ୍ରିୟାଗୁଡ଼ିକ ହେଉଛି ସେହି କ୍ରିୟା ଯେଉଁଥିରେ କର୍ତ୍ତା ନିଜେ କାର୍ଯ୍ୟ ନକରି ଅନ୍ୟ କାହାକୁ କାର୍ଯ୍ୟ କରିବାକୁ ପ୍ରେରଣା ଦିଅନ୍ତି କିମ୍ବା ଅନ୍ୟ କାହା ଦ୍ୱାରା କାର୍ଯ୍ୟ କରାନ୍ତି।
जब कर्त्ता (କର୍ତ୍ତା) स्वयं कार्य न करके किसी दूसरे को कार्य करने की प्रेरणा देता है या किसी दूसरे से कार्य करवाता है, तो उस क्रिया को प्रेरणार्थक क्रिया (ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ କ୍ରିୟା) कहते हैं। इसमें एक कर्त्ता (କର୍ତ୍ତା) होता है जो प्रेरणा देता है, जिसे प्रेरक कर्त्ता (ପ୍ରେରକ କର୍ତ୍ତା) कहते हैं, और दूसरा कर्त्ता (କର୍ତ୍ତା) होता है जो प्रेरणा से कार्य करता है, जिसे प्रेरित कर्त्ता (ପ୍ରେରିତ କର୍ତ୍ତା) कहते हैं। अकर्मक (ଅକର୍ମକ) और सकर्मक (ସକର୍ମକ) दोनों प्रकार की क्रियाओं से प्रेरणार्थक क्रियाएँ बनती हैं।
उदाहरण (ଉଦାହରଣ):
- राम सोता है। (राम ନିଜେ ଶୁଏ।)
- राम बच्चे को सुलाता है। (राम ପିଲାକୁ ଶୁଆଏ।)
- माँ खाती है। (ମା' ନିଜେ ଖାଆନ୍ତି।)
- माँ बच्चे को खिलाती है। (ମା' ପିଲାକୁ ଖୁଆନ୍ତି।)
यहाँ 'सुलाता' और 'खिलाती' प्रेरणार्थक क्रियाएँ हैं। [[3]], [[4]]
प्रेरणार्थक क्रियाओं के प्रकार (Types of Causative Verbs)
ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ କ୍ରିୟା ଦୁଇ ପ୍ରକାରର ହୋଇଥାଏ: ପ୍ରଥମ ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ ଏବଂ ଦ୍ୱିତୀୟ ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ।
प्रेरणार्थक क्रियाएँ मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं:
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प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया (First Causative Verb) ଏହି ପ୍ରକାରର କ୍ରିୟାରେ କର୍ତ୍ତା ନିଜେ କାର୍ଯ୍ୟରେ ଅଂଶଗ୍ରହଣ କରନ୍ତି ଏବଂ ଅନ୍ୟକୁ ମଧ୍ୟ କାର୍ଯ୍ୟ କରିବାକୁ ପ୍ରେରଣା ଦିଅନ୍ତି। जिस क्रिया में कर्त्ता (କର୍ତ୍ତା) स्वयं कार्य में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेता है और दूसरे को भी कार्य करने के लिए प्रेरणा देता है, वह प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया कहलाती है। [[2]], [[4]] उदाहरण (ଉଦାହରଣ): माँ बच्चे को पिलाती है। (यहाँ माँ स्वयं पिलाने के कार्य में शामिल है।)
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द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया (Second Causative Verb) ଏହି ପ୍ରକାରର କ୍ରିୟାରେ କର୍ତ୍ତା ନିଜେ କାର୍ଯ୍ୟରେ ଅଂଶଗ୍ରହଣ ନକରି ଅନ୍ୟ କାହା ଦ୍ୱାରା କାର୍ଯ୍ୟ କରାନ୍ତି। जिस क्रिया में कर्त्ता (କର୍ତ୍ତା) स्वयं कार्य में प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लेता, बल्कि उसकी प्रेरणा से कोई दूसरा कार्य का संपादन करता है, वह द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया कहलाती है। [[1]], [[2]] उदाहरण (ଉଦାହରଣ): माँ आया से बच्चे को दूध पिलवाती है। (यहाँ माँ स्वयं नहीं पिला रही, बल्कि आया से पिलवा रही है।)
प्रेरणार्थक क्रियाओं के रूप-परिवर्त्तन के नियम (Rules for Forming Causative Verbs)
ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ କ୍ରିୟା ଗଠନ କରିବା ପାଇଁ କିଛି ନିୟମ ଅଛି, ଯାହା ମୂଳ ଧାତୁରେ ପରିବର୍ତ୍ତନ ଆଣିଥାଏ।
प्रेरणार्थक क्रियाएँ मूल धातु (ମୂଳ ଧାତୁ) से बनती हैं। इसके कुछ सामान्य नियम इस प्रकार हैं:
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'आना' और 'वाना' जोड़कर: ଅଧିକାଂଶ ମୂଳ ଧାତୁରେ 'ଆନା' ଯୋଡ଼ି ପ୍ରଥମ ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ ଏବଂ 'ୱାନା' ଯୋଡ଼ି ଦ୍ୱିତୀୟ ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ କ୍ରିୟା ଗଠନ କରାଯାଏ। मूल धातु (ମୂଳ ଧାତୁ) में 'आना' जोड़कर प्रथम प्रेरणार्थक (ପ୍ରଥମ ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ) और 'वाना' जोड़कर द्वितीय प्रेरणार्थक (ଦ୍ୱିତୀୟ ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ) क्रिया रूप बनाया जाता है। [[1]], [[2]]
- मूल धातु: दौड़ (ଦୌଡ଼)
- प्रथम प्रेरणार्थक: दौड़ाना (ଦୌଡ଼ାଇବା)
- द्वितीय प्रेरणार्थक: दौड़वाना (ଦୌଡ଼ାଇବାକୁ କହିବା)
- मूल धातु: दौड़ (ଦୌଡ଼)
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मात्रा परिवर्तन के साथ 'आना' और 'वाना' जोड़कर: କିଛି ମୂଳ ଧାତୁରେ ପ୍ରଥମେ ସ୍ୱର ପରିବର୍ତ୍ତନ କରାଯାଏ (ଯଥା: ଆ/ଇ/ଏ ରୁ ଇ, ଉ/ଓ ରୁ ଉ) ଏବଂ ତା'ପରେ 'ଆନା' ଓ 'ୱାନା' ଯୋଡ଼ାଯାଏ। कुछ मूल धातु (ମୂଳ ଧାତୁ) में पहले मात्रा परिवर्तन (ମାତ୍ରା ପରିବର୍ତ୍ତନ) कर दिया जाता है (जैसे: , , )। फिर 'आना' जोड़कर प्रथम प्रेरणार्थक और 'वाना' जोड़कर द्वितीय प्रेरणार्थक क्रियारूप बनाया जाता है। [[1]]
- मूल धातु: काट (କାଟ)
- प्रथम प्रेरणार्थक: कटाना (କଟାଇବା)
- द्वितीय प्रेरणार्थक: कटवाना (କଟାଇବାକୁ କହିବା)
- मूल धातु: काट (କାଟ)
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मात्रा परिवर्तन के साथ 'लाना' और 'लवाना' जोड़कर: କିଛି ଧାତୁରେ ସ୍ୱର ପରିବର୍ତ୍ତନ ପରେ 'ଲାନା' ଯୋଡ଼ି ପ୍ରଥମ ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ ଏବଂ 'ଲୱାନା' ଯୋଡ଼ି ଦ୍ୱିତୀୟ ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ କ୍ରିୟା ଗଠନ କରାଯାଏ। कुछ धातु (ଧାତୁ) में पहले मात्रा परिवर्तन (ମାତ୍ରା ପରିବର୍ତ୍ତନ) करके (जैसे: , ), फिर 'लाना' जोड़कर प्रथम प्रेरणार्थक तथा 'लवाना' जोड़कर द्वितीय प्रेरणार्थक क्रियारूप बनाया जाता है। [[5]]
- मूल धातु: पी (ପି)
- प्रथम प्रेरणार्थक: पिलाना (ପିଆଇବା)
- द्वितीय प्रेरणार्थक: पिलवाना (ପିଆଇବାକୁ କହିବା)
- मूल धातु: पी (ପି)
उदाहरण तालिका (Example Table)
ଏହି ତାଲିକା ମୂଳ ଧାତୁ, ପ୍ରଥମ ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ ଏବଂ ଦ୍ୱିତୀୟ ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ କ୍ରିୟାଗୁଡ଼ିକର କିଛି ଉଦାହରଣ ଦେଖାଏ।
| मूल धातु (ମୂଳ ଧାତୁ) | प्रथम प्रेरणार्थक (ପ୍ରଥମ ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ) | द्वितीय प्रेरणार्थक (ଦ୍ୱିତୀୟ ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ) | |---|---|---| | पढ़ (ପଢ଼) | पढ़ाना (ପଢ଼ାଇବା) | पढ़वाना (ପଢ଼ାଇବାକୁ କହିବା) | | लिख (ଲେଖ) | लिखाना (ଲେଖାଇବା) | लिखवाना (ଲେଖାଇବାକୁ କହିବା) | | सुन (ଶୁଣ) | सुनाना (ଶୁଣାଇବା) | सुनवाना (ଶୁଣାଇବାକୁ କହିବା) | | सो (ଶୁଅ) | सुलाना (ଶୁଆଇବା) | सुलवाना (ଶୁଆଇବାକୁ କହିବା) | | खा (ଖା) | खिलाना (ଖୁଆଇବା) | खिलवाना (ଖୁଆଇବାକୁ କହିବା) | | कर (କର) | कराना (କରାଇବା) | करवाना (କରାଇବାକୁ କହିବା) | | जाग (ଜାଗ) | जगाना (ଜଗାଇବା) | जगवाना (ଜଗାଇବାକୁ କହିବା) |
प्रेरणार्थक क्रियाओं का प्रवाह (Flow of Causative Verbs)
ଏହି ଚିତ୍ର ପ୍ରେରଣାର୍ଥକ କ୍ରିୟାଗୁଡ଼ିକର କାର୍ଯ୍ୟପ୍ରଣାଳୀ ଏବଂ ପ୍ରକାରଗୁଡ଼ିକୁ ସରଳ ଭାବରେ ଦର୍ଶାଏ।