अव्यय (ଅବ୍ୟୟ)
जो शब्द वाक्य में प्रयुक्त होते समय अपने मूल रूप में ही रहते हैं और उनका लिंग, वचन, कारक आदि के कारण कोई रूप-परिवर्त्तन (ରୂପ-ପରିବର୍ତ୍ତନ) नहीं होता, उन्हें अव्यय (ଅବ୍ୟୟ) कहते हैं। इन्हें अविकारी शब्द (ଅବିକାରୀ ଶବ୍ଦ) भी कहा जाता है। ଏହି ଶବ୍ଦଗୁଡ଼ିକ ବାକ୍ୟରେ ବ୍ୟବହୃତ ହେଲାବେଳେ ସେମାନଙ୍କର ମୂଳ ରୂପରେ ରୁହନ୍ତି ଏବଂ ଲିଙ୍ଗ, ବଚନ, କାରକ ଯୋଗୁଁ ପରିବର୍ତ୍ତିତ ହୁଅନ୍ତି ନାହିଁ। ଏମାନଙ୍କୁ ଅବିକାରୀ ଶବ୍ଦ ମଧ୍ୟ କୁହାଯାଏ।
अव्यय चार प्रकार के होते हैं: क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक और विस्मयादिबोधक। ଅବ୍ୟୟ ଚାରି ପ୍ରକାରର ହୋଇଥାଏ: କ୍ରିୟାବିଶେଷଣ, ସମ୍ବନ୍ଧବୋଧକ, ସମୁଚ୍ଚୟବୋଧକ ଏବଂ ବିସ୍ମୟାଦିବୋଧକ।
विस्मयादिबोधक अव्यय (ବିସ୍ମୟାଦିବୋଧକ ଅବ୍ୟୟ)
जिन शब्दों से वक्ता के विस्मय (ବିସ୍ମୟ), हर्ष (ଆନନ୍ଦ), विषाद (ଦୁଃଖ), शोक (ଶୋକ), घृणा (ଘୃଣା), संबोधन (ସମ୍ବୋଧନ), प्रशंसा (ପ୍ରଶଂସା) आदि भाव व्यक्त होते हैं, उन्हें विस्मयादिबोधक (ବିସ୍ମୟାଦିବୋଧକ) अव्यय कहते हैं। ये शब्द अचानक उत्पन्न होने वाले मनोभावों को प्रकट करते हैं। ଯେଉଁ ଶବ୍ଦଗୁଡ଼ିକ ବକ୍ତାଙ୍କର ବିସ୍ମୟ, ଆନନ୍ଦ, ଦୁଃଖ, ଶୋକ, ଘୃଣା, ସମ୍ବୋଧନ, ପ୍ରଶଂସା ଆଦି ଭାବ ପ୍ରକାଶ କରନ୍ତି, ସେମାନଙ୍କୁ ବିସ୍ମୟାଦିବୋଧକ ଅବ୍ୟୟ କୁହାଯାଏ। ଏହି ଶବ୍ଦଗୁଡ଼ିକ ହଠାତ୍ ଉତ୍ପନ୍ନ ହେଉଥିବା ମନୋଭାବକୁ ପ୍ରକାଶ କରନ୍ତି।
विशेषताएँ (ବିଶେଷତା)
- ये अविकारी (ଅବିକାରୀ) शब्द होते हैं, जिनका रूप कभी नहीं बदलता। ଏହି ଶବ୍ଦଗୁଡ଼ିକ ଅବିକାରୀ ଅଟନ୍ତି, ଯାହାର ରୂପ କେବେ ପରିବର୍ତ୍ତନ ହୁଏ ନାହିଁ।
- इन शब्दों के बाद हमेशा विस्मयादिबोधक चिह्न (ବିସ୍ମୟାଦିବୋଧକ ଚିହ୍ନ) '!' का प्रयोग किया जाता है। ଏହି ଶବ୍ଦଗୁଡ଼ିକ ପରେ ସର୍ବଦା ବିସ୍ମୟାଦିବୋଧକ ଚିହ୍ନ '!' ବ୍ୟବହାର କରାଯାଏ।
- ये वाक्य के मुख्य अर्थ से स्वतंत्र होते हैं और केवल भावों को व्यक्त करते हैं। ଏଗୁଡ଼ିକ ବାକ୍ୟର ମୁଖ୍ୟ ଅର୍ଥରୁ ସ୍ୱାଧୀନ ଅଟନ୍ତି ଏବଂ କେବଳ ଭାବନା ପ୍ରକାଶ କରନ୍ତି।
विस्मयादिबोधक अव्यय के प्रकार (ବିସ୍ମୟାଦିବୋଧକ ଅବ୍ୟୟର ପ୍ରକାର)
अर्थ की दृष्टि से विस्मयादिबोधक अव्यय निम्न प्रकार के हो सकते हैं: ଅର୍ଥ ଦୃଷ୍ଟିରୁ ବିସ୍ମୟାଦିବୋଧକ ଅବ୍ୟୟ ନିମ୍ନଲିଖିତ ପ୍ରକାରର ହୋଇପାରେ:
- विस्मयसूचक (ବିସ୍ମୟସୂଚକ): आश्चर्य या हैरानी व्यक्त करने वाले शब्द।
- जैसे: अरे!, क्या!, सच!, ऐ!, है!
- उदाहरण: अरे! तुम वही हो!
- हर्षसूचक (ହର୍ଷସୂଚକ): खुशी या आनंद व्यक्त करने वाले शब्द।
- जैसे: वाह!, आह!, शाबाश!, धन्य!, जय!
- उदाहरण: वाह! यह कितना सुन्दर है!
- शोकसूचक (ଶୋକସୂଚକ): दुख या पीड़ा व्यक्त करने वाले शब्द।
- जैसे: आह!, ओह!, हा!, हाय!, बाप रे!
- उदाहरण: हाय! बेचारी रो रही है।
- स्वीकारसूचक (ସ୍ୱୀକାରସୂଚକ): सहमति या स्वीकार व्यक्त करने वाले शब्द।
- जैसे: ठीक!, अच्छा!, हाँ-हाँ!
- उदाहरण: अच्छा! मैं यह काम करूँगा।
- तिरस्कारसूचक (ତିରସ୍କାରସୂଚକ): घृणा या अनादर व्यक्त करने वाले शब्द।
- जैसे: छिः!, थिक्!, धत्!, दुर!, हट!
- उदाहरण: छिः! यह मुझे पसन्द नहीं।
- अनुमोदनसूचक (ଅନୁମୋଦନସୂଚକ): समर्थन या अनुमोदन व्यक्त करने वाले शब्द।
- जैसे: हाँ-हाँ!, ठीक-ठीक!, अच्छा!
- उदाहरण: हाँ-हाँ! तुम सही कह रहे हो।
- आशीर्वादसूचक (ଆଶୀର୍ବାଦସୂଚକ): शुभकामना या आशीर्वाद व्यक्त करने वाले शब्द।
- जैसे: जय हो!, जियो!
- उदाहरण: जियो! खूब पढ़ो और नाम कमाओ।
- संबोधनसूचक (ସମ୍ବୋଧନସୂଚକ): किसी को पुकारने या संबोधित करने वाले शब्द।
- जैसे: हे!, रे!, अरी!, अजी!, री!
- उदाहरण: अजी! सुनिए तो सही।
उदाहरण (ଉଦାହରଣ)
नीचे दिए गए वाक्यों में विस्मयादिबोधक अव्यय को पहचानिए और उनके भाव लिखिए: ତଳେ ଦିଆଯାଇଥିବା ବାକ୍ୟଗୁଡ଼ିକରେ ବିସ୍ମୟାଦିବୋଧକ ଅବ୍ୟୟ ଚିହ୍ନଟ କରନ୍ତୁ ଏବଂ ସେମାନଙ୍କର ଭାବ ଲେଖନ୍ତୁ:
- वाह! तुमने तो कमाल कर दिया।
- विस्मयादिबोधक: वाह!
- भाव: हर्षसूचक (ଆନନ୍ଦସୂଚକ)
- हाय! मेरा सब कुछ लुट गया।
- विस्मayaदिबोधक: हाय!
- भाव: शोकसूचक (ଶୋକସୂଚକ)