क्रिया (Verb)
କ୍ରିୟା ହେଉଛି ଏକ ଶବ୍ଦ ଯାହା କୌଣସି କାର୍ଯ୍ୟର ହେବା କିମ୍ବା କରିବାକୁ ବୁଝାଏ।
जिस शब्द से किसी काम के होने या करने का बोध होता है, उसे क्रिया (କ୍ରିୟା) कहते हैं। जैसे: लिखना (ଲେଖିବା), पढ़ना (ପଢ଼ିବା), खाना (ଖାଇବା), पीना (ପିଇବା) आदि। क्रिया के मूलरूप को धातु (ଧାତୁ) कहते हैं। धातु के साथ 'ना' जोड़कर क्रिया के सामान्य रूप बनते हैं।
काल (Tense)
କାଳ କ୍ରିୟା କେବେ ହେଲା ତାହା ସୂଚାଏ। ଏହା କାର୍ଯ୍ୟର ସମୟ ଏବଂ ଅବସ୍ଥାକୁ ବର୍ଣ୍ଣନା କରେ।
क्रिया के जिस रूप से उसके होने के समय का बोध होता है, उसे काल (କାଳ) कहते हैं। काल के मुख्य भेद होते हैं:
- वर्तमानकाल (Present Tense)
- भूतकाल (Past Tense)
- भविष्यत्काल (Future Tense)
भूतकाल (Past Tense)
ଯେଉଁ କ୍ରିୟା ଅତୀତରେ ସମାପ୍ତ ହୋଇସାରିଛି ତାହାକୁ ଭୂତକାଳ କୁହାଯାଏ। ଏହାର ଟି ମୁଖ୍ୟ ପ୍ରକାର ଅଛି।
क्रिया के जिस रूप से बीते हुए समय में कार्य के होने का बोध हो, उसे भूतकाल कहते हैं। इसके भेद होते हैं:
1. सामान्य भूत (Simple Past)
ଏହା ଅତୀତରେ ଏକ କାର୍ଯ୍ୟ ସାଧାରଣ ଭାବରେ ସମାପ୍ତ ହୋଇଥିବା ସୂଚାଏ।
क्रिया के जिस रूप से बीते हुए समय में कार्य के सामान्य रूप से होने का बोध हो, उसे सामान्य भूतकाल कहते हैं।
- अकर्मक क्रिया (ଅକର୍ମକ କ୍ରିୟା): कर्ता (କର୍ତ୍ତା) के लिंग (ଲିଙ୍ଗ) और वचन (ବଚନ) के अनुसार क्रिया बदलती है।
- उदाहरण: मैं गया (ମୁଁ ଗଲି), हम गए (ଆମେ ଗଲୁ), वह गयी (ସେ ଗଲା)।
- सकर्मक क्रिया (ସକର୍ମକ କ୍ରିୟା): कर्ता के साथ 'ने' विभक्ति चिह्न लगता है। यदि वाक्य में कर्म न हो तो क्रिया पुल्लिंग एकवचन में होती है (जैसे: मैंने खाया)। यदि कर्म हो तो क्रिया कर्म के लिंग और वचन के अनुसार बदलती है।
- उदाहरण: मैंने केला खाया (ମୁଁ କଦଳୀ ଖାଇଲି)। मैंने रोटी खाई (ମୁଁ ରୁଟି ଖାଇଲି)। मैंने केले खाए (ମୁଁ କଦଳୀ ଖାଇଲି)। मैंने रोटियाँ खाईं (ମୁଁ ରୁଟି ଖାଇଲି)।
2. आसन्न भूत (Recent Past)
ଏହା ସୂଚାଏ ଯେ କାର୍ଯ୍ୟ ଅତୀତରେ ଶେଷ ହୋଇଛି, କିନ୍ତୁ ବହୁତ ପୂର୍ବରୁ ନୁହେଁ, ବରଂ ନିକଟରେ।
क्रिया के जिस रूप से क्रिया के व्यापार की आसन्न (निकट) समाप्ति की सूचना मिलती है, उसे आसन्न भूतकाल कहते हैं। यह सामान्य भूत के रूपों में 'है' या 'हैं' जोड़कर बनता है।
- उदाहरण: मैं गया हूँ (ମୁଁ ଯାଇଛି), हम गए हैं (ଆମେ ଯାଇଛୁ)। मैंने केला खाया है (ମୁଁ କଦଳୀ ଖାଇଛି)।
3. पूर्ण भूत (Perfect Past)
ଏହା ସୂଚାଏ ଯେ କାର୍ଯ୍ୟ ଅତୀତରେ ବହୁତ ପୂର୍ବରୁ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ହୋଇସାରିଥିଲା।
जिससे क्रिया-व्यापार के पूर्ण रूप से समाप्त होने का बोध हो, उसे पूर्ण भूत कहते हैं। यह सामान्य भूतकाल के रूपों में 'था, थे, थी, थीं' लगाकर बनता है।
- उदाहरण: मैं गया था (ମୁଁ ଯାଇଥିଲି), हम गए थे (ଆମେ ଯାଇଥିଲୁ)। मैंने रोटी खाई थी (ମୁଁ ରୁଟି ଖାଇଥିଲି)।
4. अपूर्ण भूत (Imperfect Past)
ଏହା ସୂଚାଏ ଯେ କାର୍ଯ୍ୟ ଅତୀତରେ ଚାଲିଥିଲା ଏବଂ ସମାପ୍ତ ହୋଇନଥିଲା।
क्रिया के जिस रूप से भूतकाल में क्रिया के समाप्त न होने का बोध हो, उसे अपूर्ण भूतकाल कहते हैं। इसके दो मुख्य रूप होते हैं।
- उदाहरण: मैं जा रहा था (ମୁଁ ଯାଉଥିଲି), हम जा रहे थे (ଆମେ ଯାଉଥିଲୁ)। मैं पढ़ता था (ମୁଁ ପଢୁଥିଲି), हम पढ़ते थे (ଆମେ ପଢୁଥିଲୁ)।
5. संदिग्ध भूत (Doubtful Past)
ଏହା ଅତୀତରେ କାର୍ଯ୍ୟ ହୋଇଥିବା ବିଷୟରେ ସନ୍ଦେହ ପ୍ରକାଶ କରେ।
भूतकाल की क्रिया के जिस रूप से कार्य के होने में सन्देह हो, उसे संदिग्ध भूतकाल कहते हैं।
- उदाहरण: मैं गया हूँगा (ମୁଁ ଯାଇଥିବି), हम गए होंगे (ଆମେ ଯାଇଥିବୁ)। मैंने रोटी खाई होगी (ମୁଁ ରୁଟି ଖାଇଥିବି)।
6. हेतुहेतुमद्भूत (Conditional Past)
ଏହା ସୂଚାଏ ଯେ ଅତୀତରେ ଏକ କାର୍ଯ୍ୟ ହୋଇଥାନ୍ତା, କିନ୍ତୁ କୌଣସି କାରଣରୁ ହୋଇପାରିଲା ନାହିଁ।
क्रिया के जिस रूप से पता चलता है कि भूतकाल में क्रिया होनेवाली थी, पर किसी कारण न हो सकी, उसे हेतुहेतुमद्भूत काल कहते हैं।
- उदाहरण: मैं पढ़ता तो उत्तीर्ण हो जाता (ମୁଁ ପଢ଼ିଥିଲେ ପାସ୍ କରିଥାନ୍ତି)। मैंने पढ़ा होता तो उत्तीर्ण हो गया होता (ମୁଁ ପଢ଼ିଥିଲେ ପାସ୍ କରିଥାନ୍ତି)।
कार्य उदाहरण: वाक्य: "राम पुस्तक पढ़ता है।" इसे भूतकाल के विभिन्न रूपों में बदलें।
- सामान्य भूत: राम ने पुस्तक पढ़ी।
- आसन्न भूत: राम ने पुस्तक पढ़ी है।
- पूर्ण भूत: राम ने पुस्तक पढ़ी थी।
- अपूर्ण भूत: राम पुस्तक पढ़ रहा था।
- संदिग्ध भूत: राम ने पुस्तक पढ़ी होगी।
- हेतुहेतुमद्भूत: यदि राम पुस्तक पढ़ता तो समझ जाता।